मुजफ्फरनगर के संदीप बालियान दिल्ली के विद्यालयों में बढ़ा रहे हरियाली

दिल्ली के यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में बीते सप्ताह वृक्षारोपण की धूम रही है। हरेला पर्व में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्विविद्यालय, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन समेत कई शैक्षिक संस्थानों में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में एक चेहरा हर जगह नजर आया। ये चेहरा था संदीप बालियान का। पर्यावरणविद संदीप इन शैक्षिक संस्थानों में वृक्षारोपण कार्यक्रम के कर्ता-धर्ता रहे।

दिल्ली विश्वविद्यालय के देशबंधु कॉलेज में वृक्षारोपण करते छात्र

16 से 23 जुलाई तक चले वृक्षारोपण कार्यक्रम में संदीप बालियान सात दिनों में 10 शैक्षिक संस्थानों में पहुंचे। वैसे तो वे पर्यावरण संरक्षण की मुहिम लगातार चलाते रहते हैं। लेकिन 16 से 23 जुलाई तक हरेला पर्व के दौरान वृक्षारोपण की खास मुहिम चलाई। शिक्षा संस्थानों में हरियाली बढ़ाने की मुहिम में संदीप 2015 से जुटे हैं। शुरुआत जेएनयू और आईआईटी दिल्ली से हुई। साउथ दिल्ली में रहने के दौरान पार्क और नजदीकी शिक्षण संस्थानों में पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को बढ़ावा देते रहे।

पर्यावरण प्रेम की वजह से ही संदीप दो साल पहले ‘पर्यावरण संरक्षण गतिविधि’ के शिक्षण संस्थान विभाग के दिल्ली प्रांत के प्रमुख बने। उन्हें ‘पेड़ आयाम’ का प्रमुख भी बनाया गया। देश भर में काम कर रहे ‘पर्यावरण संरक्षण गतिविधि’ का उद्देश्य हरियाली बढ़ाना है। संगठन के शिक्षण संस्थान विभाग का कार्य शैक्षिक संस्थानों में पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों को बढ़ावा देना है। दायित्व मिलने के बाद संदीप के वृक्षारोपण अभियान में खासी तेजी आयी।

2020 में कोरोना के बावजूद दिल्ली और एनसीआर के 87 संस्थानों में वृक्षारोपण किया गया। श्रद्धानंद कॉलेज में तो सघन वन लगाया गया। इसमें 1000 पेड़ लगाए गए।

 – संदीप बालियान

चालू साल में संदीप को दिल्ली-एनसीआर के 100 स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पहुंचना है। वे बताते हैं कि इस साल करीब 50 हजार पेड़ लगाने और लगवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के तहत न सिर्फ वृक्षारोपण किया जाता है, बल्कि संस्थान में लगातार साल भर पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कार्यक्रम चलाने का अनुरोध किया जाता है। छात्र भी इस मुहिम से गंभीरता से जुड़े, इसके लिए उन्हें एक पौधे की जिम्मेदारी दी जाती है।

भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली कैंपस में वृक्षारोपण

– नागेश्वर राव, वाइस चांसलर, इग्नू 

संदीप के काम से प्रभावित होकर लोग हाथ बंटाने और मदद के लिए भी आगे आते हैं। इस साल उनके आग्रह पर कस्टम विभाग ने जेएनयू प्रशासन को 500 ट्री गार्ड दिए। हरेला फाउंडेशन के जेएनयू में वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान कस्टम विभाग के चीफ कमिश्नर गुरदीप सिंह और पर्यावरण प्रेमी एडिशनल कमिश्नर अशोक विश्नोई खुद मौजूद रहे।

हरेला की पूर्व संध्या पर इग्नू में वृक्षारोपण की संदीप बालियान की पहल सराहनीय रही। पर्यावरण संतुलन के लिए उनकी चिंता हम सबके लिए संदेश है। हम संदीप बालियान के वृक्षारोपण के नतीजों को देखने के लिए उत्साहित हैं।  

संदीप बालियान के पेड़ पौधों से प्रेम की वजह है। वे उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं। रोजी रोटी की तलाश में दिल्ली ठिकाना बना तो यहां कंक्रीट के जंगल में गांव की हरियाली बहुत याद आती। इस बीच उनका संपर्क राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक हरीश रौतेला से हुआ। ये करीब 10 साल पहले की बात है।

छात्र जीवन से राष्ट्रीय स्वयसेवक संघ से जुड़ाव रहा। उत्तराखंड के मूल निवासी हरीश रौतेला के संपर्क में आने पर संदीप को दिल्ली में एक मकसद मिल गया। हरीश रौतेला ने उन्हें दिल्ली में हरेला की मुहिम को आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी। हरेला उत्तराखंड का प्रमुख पर्व है। उत्तराखंड के अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश में भी हरियाली पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सांस्कृतिक आयोजन के साथ ही पौधारोपण भी किया जाता है


– प्रो राणा प्रताप सिंह, प्रो वीसी, जेएनयू

पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण का कोई पर्याय नहीं है। डॉ हरीश रौतेला और संदीप बालियान ने हरेला अभियान के तहत वृक्षारोपण का संकल्प संचारित किया। यह सराहनीय और मानव कल्याण के लिए अभिनंदनीय कार्य है।

हरीश रौतेला की प्रेरणा से संदीप बालियान ने हरेला फाउंडेशन बनाया। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण का अभियान शुरू किया। अब तक हरेला फाउंडेशन के माध्यम से एक लाख से अधिक पेड़ लगा चुके है। फिलहाल पर्यावरण संरक्षण को समर्पित संदीप रोजी रोटी और हरियाली बढ़ाने की मुहिम में संतुलन बनाए हुए हैं।

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